राजेंद अटल एक महा मानव


 राजेंद्र अटल जिसने प्राकृतिक से मानव पशु पक्षी की मित्रता को नया आयाम दिया।

मेरा नाम आरबी प्रजापति है । मैं राजेंद्र अटल को उस समय से जनता हू जब मै 12वर्ष का था ।मेरी शिक्षा श्रीं सरस्वती इंटर कालेज तीतरो में हुई ।यह एक पैंट्रोल पंप था जिसका नाम पूर्णमल सर्विस सेंटर था।
मैं एक सीमांत किसान का परिवार से हूं उस समय यदि डीजल की बात करे तो शायद यहां से ज्यादा शुद्ध खनिज तेल कही नही मिलता था।
बस यही से मेरे अंदर उत्सुकता पैदा हुई ।कि इस पेट्रोल पंप का मालिक कौन है ।तभी लोगों ने बताया इस पेट्रोल पंप का मालिक राजेंद्र अटल है।
जब मैं बीएससी कर रहा था मेरे कुछ दोस्त प्राकृतिक चिकित्सालय सहारनपुर से शिक्षा ले रहे थे। कभी-कभी मैं उनसे डिस्कस करता था प्राकृतिक चिकित्सालय मैं मिट्टी से चिकित्सा जड़ी बूटियों से चिकित्सा पानी से चिकित्सा की जाती थी।
लेकिन मैं एक मध्यम वर्ग से था सभी डिग्रियां हासिल मैं नहीं कर सकता था मध्यम वर्ग के परिवार के सामने कठिनाइयां बहुत होती है लेकिन फिर भी मैंने बहुत कुछ जानने की कोशिश की।
इस संस्थान को चलाने वाले राजेंद्र अटल हमेशा लोगों के दुख दर्द को समझ कर उनकी चिकित्सा करते आए हैं। शायद रामदेव बाबा से भी पहले यह प्राकृतिक चिकित्सालय स्थित है।
लेकिन कभी इन्होंने इस शिक्षा का बाजारीकरण नहीं किया यही कारण है रामदेव बाबा बहुत आगे बढ़ गए लेकिन राजेंद्र अटल आज भी लोगों की चिकित्सा उसी प्रकार कर रहे हैं जिन्हें ने धन कमाने का शौक है नए ही नाम की चाह।
पिछले वर्ष मेरी मुलाकात विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष विनय सिंघल ने राजेंद्र अटल से कराई शायद यह मेरा सौभाग्य था ।
अपने व्यक्तित्व के धनी राजेंद्र अटल के पूरे संस्थान को मैंने देखा जो केवल ऐसा ही पशु पक्षी के लिए काम करते हैं ।जिस खेत से हुए लाखों में रुपए कमा सकते हैं ।उसे ऑर्गेनिक खेती करते हैं जिसमें बिना किसी कीटनाशक के साग भाजी वह फल तैयार किए जाते हैं।
राजेंद्र अटल एक वह शख्सियत है जो हमेशा समाज के सामने एक मिसाल रहेगी आज भी राजेंद्र अटल प्राकृतिक चिकित्सालय मैं सादगी पूर्वक बहुत से मरीजों का इलाज करते हैं मैं राजेंद्र अटल के इस कार्य से बहुत प्रभावित हुआ कभी-कभी मैं उनके पास जाता हूं और यह तमाम चीजें देखता हूं एक साधारण व्यक्ति यह सब कुछ कैसे कर लेता है।
मैं पेशे से पत्रकार भी हूं और एक कृषि चिकित्सक भी मैं भी और पत्रकारों की तरह धन कमाना चाहता हूं मगर मेरी पत्नी यह कार्य नहीं करने देती। शायद इसीलिए मैं सामान्य जीवन जी रहा हूं।
मगर राजेंद्र अटल के इस जीवन को देखकर मैं खासा प्रभावित हूं जो केवल 24 घंटे मानवता सेवा के लिए ही कार्य करते हैं अपने लिए कुछ भी नहीं।

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