गायत्री की पुत्रवधू बनेगी एमएलसी

शिल्पा प्रजापति

 उत्तर प्रदेश में जातीय गठजोड़ में अति पिछड़ा समाज कहां खड़ा है ? आरबी 

उत्तर प्रदेश में जातियों का गठजोड़ वास्तव में मायने रखता है। हर किसी जाति को अपनी जाति अपने अपने नेताओं पर गर्व है जहां योगी आदित्यनाथ खुद कह चुके हैं। उन्हें ठाकुर होने पर गर्व है ।वहीं पर समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद में यादवों पर बड़ा दांव लगाया है ।तो भारतीय जनता पार्टी ने ब्राह्मणों में ठाकुरों को ज्यादा प्रत्याशी बनाया है ।समाजवादी ने चार ब्राह्मण वह एक ठाकुर को भी प्रत्याशी बनाया है ।समाजवादी पार्टी ने 4 मुस्लिमों पर भी भरोसा जताया है ।एक कुर्मी एक प्रजापति एक जाट एक संघ के एक छतरी भी इसमें शामिल किया गया है ।मगर भारतीय जनता पार्टी ने प्रजापति कश्यप का हार विश्वकर्मा आदि जातियों से फ्रिज किया है। आदित्यनाथ को ठाकुर होने पर गर्व है ठाकुरों को यह गर्व है जब तक ठाकुर योगी ।आदित्यनाथ मुख्यमंत्री रहेंगे उनको संरक्षण मिलता रहेगा। बुलडोजर किसी भी जाति के लोगों पर चले कम से कम ठाकुरों पर नहीं चलेगा ।इसी जाति दशक के साथ में दोनों पार्टियों ने विधान परिषद के सदस्यों को उतारा है जिसमें गायत्री प्रजापति के बेटे अनिल प्रजापति की धर्मपत्नी शिल्पा प्रजापति को विधान परिषद का प्रत्याशी बनाया है। आपको बता दें ।अमेठी सीट से मेहरा जी प्रजापति चुनाव जीतकर विधायक बने अमेठी में अति पिछड़े वर्ग खासतौर से कश्यप धीमान लोहार यादव संख्या मौर्य प्रजापति का जो गठजोड़ बनाया वास्तव में वह देखने लायक था। और ठाकुर ब्राह्मण दूसरी ओर मुस्लिम पिछड़ा समाज इसी गठजोड़ से मेहरा जी प्रजापति ने राजा संजय सिंह को हराकर अपना ही नहीं वरन तमाम अति पिछड़े समाज का नाम ऊंचा किया है। इतिहास में दर्ज किया। यदि यह गठजोड़ पूरे भारत में आ जाए तो अति पिछड़े वर्ग को शासक बनने से कोई नहीं रोक सकता यदि मुस्लिम व 17 जातियों का गठजोड़ भी बन जाए तो राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है। उत्तर प्रदेश की सभी तमाम सीटों पर कब्जा करने में यह एक मूल मंत्र सहायक हो सकता है ।पिछड़ा व मुस्लिम मिला दे 70% वोट एक और हो जाती है मगर यह क्रांति कैसे आएगी मुस्लिम इकट्ठा कैसे हो सकता है यह तो सब जानते हैं ।मगर पिछड़ा एक क्षेत्र के नीचे कैसे आई यदि भारत में शोषित समुदाय है ।तो मेरा यह मानना है वह पिछड़ा वर्ग है जो अपना मत अपने लाभ के लिए नहीं वरन जज बाद में आ कर देता है। और अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार लेता है जिसका पूरा लाभ या तो ब्राह्मण को मिल जाता है ठाकुर को मिल जाता है। खासतौर पर ब्राह्मण ठाकुर अपने आप ज्यादा प्रतिनिधित्व पा जाते हैं खाली हाथ रह जाता है अति पिछड़ा वर्ग में यादव जाट अपनी पार्टी को वोट देते हैं। तो उन्हें कुछ सीटें मिल जाती है। गुज्जर प्रजापति कश्यप निषाद विश्वकर्मा बंजारा बाद ऐसी जातियां केवल खाली हाथ मलती। रह जाती है वहीं इसी लाइन में पाल गडरिया धनगर जोगी जैसी जातियां भी ज्यादा हिस्सेदारी राजनीति में नहीं पा सकी। समाज को भी कोई बड़ी हिस्सेदारी अभी तक नहीं मिली मगर समझ से बाहर है राजनीति के कारण अपना मत का प्रयोग अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार आने के लिए सदियों से पिछड़ा वर्ग करता हुआ आया है ।अमेठी की जनता ने यह कर दिखाया यदि अति पिछड़े वर्ग एक होकर मत करें। तो बड़ी बड़ी पार्टी घुटनों पर आ सकती है यदि भारत में जाति समुदाय सबसे बड़ा है तो वह पिछड़ा वर्ग है अपने बलबूते पर चुनाव लड़कर जीत सकता है यह पिछड़ा वर्ग है यदि इसमें मुस्लिम वर्ग का मिश्रण कर दिया जाए। तो पार्टियों के बड़े-बड़े दिग्गजों की जमानत जप्त हो सकती है मुझे लगता है आज इस वर्ग को जगाने की जरूरत है युवा को समझाने की जरूरत है ।सदियों से मनु वादियों का कब्जा दिमाग पर होने के कारण खुद शासक ने बन कर दूसरों को शासक बना दे रहे हैं ।यदि सकता आपके हाथ में हो तो क्या नहीं हो सकता इस वर्ग में बच्चे बेरोजगार नहीं होंगे ज्यादा भर्तीभर्ती होगी ।आपके डीएम एसडीएम एसपी होंगे आप की चर्चा मीडिया में रहेगी लेकिन एक दूसरे को समझाने की बताने की इन समुदायों को जरूरत है पार्टी को मत देखिए आप देखिए विधानसभा या लोकसभा प्रत्याशी कौन हैं। सामने वाला प्रत्याशी किसी भी पार्टी से हो यदि वह पिछड़े वर्ग का है अपना मत उसी प्रत्याशी को दे दे उसके बाद आप पिछड़ों व अति पिछड़ों का साम्राज्य स्थापित हो जाएगा वरना पहले और आजादी के नाम पर लिया गया। भाईचारे के नाम पर लिया गया उसके बाद दलितों के हक दिलाने के नाम पर वोट लिया गया। जिसमें बहन मायावती को मुख्यमंत्री बनाया गया। और उसके बाद में आपके वोट का प्रयोग धर्म के नाम पर किया गया। आपका हिंदू मुस्लिम के नाम पर किया गया राष्ट्रवाद के नाम पर किया गया जिन्हें हम अपना मत दे रहे हैं चेहरे मुझे सबवे हैं केवल झंडा बदल गया ।जो पहले कांग्रेसमें थे ।अब वह या तो भारतीय जनता पार्टी में है या समाजवादी पार्टी में है बसपा के तमाम बड़े नेता भारतीय जनता पार्टी में आ चुके हैं केवल सत्ता का सुख पाने के लिए आपका मत पाने के लिए अपनी प्रॉपर्टी बनाने के लिए देश में राजनीतिक पार्टी कंपनी की तरह काम करती है आगे की बातों का जिक्र हम फिर करेंगे तब तक आप से निवेदन है। आप इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर जरूर करें।
सौजन्य से डी पी एन लाइव न्यूज़ यूट्यूब चैनल

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